№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

Canvas
Mother and Child

Karuna

तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ

Tere Bachpan Ko Jawani Ki Dua Deti Hoon

Sahir Ludhianvi
2 min read 4 versesममताmotherly loveबचपन

4 verses · ~2 min

तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ और दुआ देके परेशान सी हो जाती हूँ

मेरे मुन्ने मेरे गुलज़ार के नन्हे पौधे तुझको हालत की आँधी से बचाने के लिये आज मैं प्यार के आँचल में छुपा लेती हूँ कल ये कमज़ोर सहारा भी न हासिल होगा कल तुझे काँटों भरी राहों पे चलना होगा ज़िंदगानी की कड़ी धूप में जलना होगा तेरे बचपन को जवानी ...

तेरे माथे पे शराफ़त की कोई मोहर नहीं चंद होते हैं मुहब्बत के सुकून ही क्या हैं जैसे माओं की मुहब्बत का कोई मोल नहीं मेरे मासूम फ़रिश्ते तू अभी क्या जाने तुझको किस-किसकी गुनाहों की सज़ा मिलनी है दीन और धर्म के मारे हुए इंसानों की जो नज़र मिलनी है तुझको वो खफ़ा मिलनी है तेरे बचपन को जवानी ...

बेड़ियाँ लेके लपकता हुआ कानून का हाथ तेरे माँ-बाप से जब तुझको मिली ये सौगात कौन लाएगा तेरे वास्ते खुशियों की बारात मेरे बच्चे तेरे अंजाम से जी डरता है तेरी दुश्मन ही न साबित हो जवानी तेरी काँप जाती है जिसे सोचके ममता मेरी उसी अंजाम को पहुंचे न कहानी तेरी तेरे बचपन को जवानी ...

इति

Sahir Ludhianvi

The Poet

साहिर लुधियानवी

Sahir Ludhianvi

Mother and Child

Paired Painting

Mother and Child

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Four more, in the same key.

Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Tere Bachpan Ko Jawani Ki Dua Deti Hoon carries.