№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

Loading the archive

MM · XXVI

Canvas
Scene from a Hindu Marriage

Karuna

रंग और नूर की बारात किसे पेश करूँ

Rang Aur Noor Ki Barat Kise Pesh Karun

Sahir Ludhianvi
2 min read 6 versesविदाईfarewellशादी

6 verses · ~2 min

रंग और नूर की बारात किसे पेश करूँ ये मुरादों की हंसीं रात किसे पेश करूँ, किसे पेश करूँ

मैने जज़बात निभाए हैं उसूलों की जगह अपने अरमान पिरो लाया हूँ फूलों की जगह तेरे सेहरे की... तेरे सेहरे की ये सौगात किसे पेश करूँ ये मुरादों की हसीं रात किसे पेश करूँ, किसे पेश करूँ

ये मेरे शेर मेरे आखिरी नज़राने हैं मैं उन अपनों मैं हूँ जो आज से बेगाने हैं बेत-आ-लुख़ सी मुलाकात किसे पेश करूँ ये मुरादों की हंसीं रात किसे पेश करूँ, किसे पेश करूँ

सुर्ख जोड़े की तबोताब मुबारक हो तुझे तेरी आँखों का नया ख़्वाब मुबारक हो तुझे ये मेरी ख़्वाहिश ये ख़यालात किसे पेश करूँ ये मुरादों की हंसीं रात किसे पेश करूँ, किसे पेश करूँ

कौन कहता है चाहत पे सभी का हक़ है तू जिसे चाहे तेरा प्यार उसी का हक़ है मुझसे कह दे... मुझसे कह दे मैं तेरा हाथ किसे पेश करूँ ये मुरादों की हंसीं रात किसे पेश करूँ, किसे पेश करूँ

रंग और नूर की...

इति

Sahir Ludhianvi

The Poet

साहिर लुधियानवी

Sahir Ludhianvi

Scene from a Hindu Marriage

Paired Painting

Scene from a Hindu Marriage

Open the viewer →

If this held you

Four more, in the same key.

Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Rang Aur Noor Ki Barat Kise Pesh Karun carries.