
चरागों का लगा मेला ये झांकी खूबसूरत है
Charagon Ka Laga Mela Ye Jhanki Khubsurat Hai
Kavi Pradeep
4 verses · ~15 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Karuna
Kis Baagh Mein Main Janma Khela
Kavi Pradeep4 verses · ~2 min
किस बाग़ में मैं जन्मा खेला मेरा रोम रोम ये जानता है तुम भूल गए शायद माली पर फूल तुम्हे पहचानता है जो दिया था तुमने एक दिन मुझे फिर वो प्यार दे दो एक क़र्ज़ मांगता हूँ बचपन उधार दे दो
तुम छोड़ गए थे जिसको एक धूल भरे रस्ते में वो फूल आज रोता है एक अमीर के गुलदस्ते में मेरा दिल तड़प रहा है मुझे फिर दुलार दे दो एक क़र्ज़ मांगता हूँ बचपन उधार दे दो...
मेरी उदास आँखों को है याद वो वक़्त सलोना जब झूला था बांहों में मैं बन के तुम्हारा खिलौना मेरी वो ख़ुशी की दुनिया फिर एक बार दे दो एक क़र्ज़ मांगता हूँ बचपन उधार दे दो...
तुम्हे देख उठते है मेरे पिछले दिन वो सुन्हेरे और दूर कहीं दिखते हैं मुझसे बिछड़े दो चेहरे जिसे सुनके घर वो लौटे मुझे वो पुकार दे दो एक क़र्ज़ मांगता हूँ बचपन उधार दे दो...
इति

Paired Painting
The Birth of Shakuntala
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Kis Baagh Mein Main Janma Khela carries.