
साँप ही तो हो...
Sanp Hi To Ho...
Gopal Prasad Vyas
1 verse · ~4 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
Loading the archive
MM · XXVI

Raudra
Main Marte Loktantra Ka Bayan Hun
Hariom Panwar7 verses · ~4 min
मेरा गीत चाँद है ना चाँदनी न किसी के प्यार की है रागिनी हंसी भी नही है माफ कीजिये खुशी भी नही है माफ कीजिये शब्द - चित्र हूँ मैं वर्तमान का आइना हूँ चोट के निशान का मै धधकते आज की जुबान हूँ मरते लोकतन्त्र का बयान हूँ
कोइ न डराए हमे कुर्सी के गुमान से और कोइ खेले नही कलम के स्वाभिमान से हम पसीने की कसौटियों के भोजपत्र हैं आंसू - वेदना के शिला- लेखों के चरित्र हैं हम गरीबों के घरों के आँसुओं की आग हैं आन्धियों के गाँव मे जले हुए चिराग हैं
किसी राजा या रानी के डमरु नही हैं हम दरबारों की नर्तकी के घुन्घरू नही हैं हम सत्ताधीशों की तुला के बट्टे भी नही हैं हम कोठों की तवायफों के दुपट्टे भी नही हैं हम अग्निवंश की परम्परा की हम मशाल हैं हम श्रमिक के हाथ मे उठी हुई कुदाल हैं ये तुम्हारी कुर्सियाँ टिकाऊ नही हैं कभी औ हमारी लेखनी बिकाऊ नही है कभी राजनीति मे बडे अचम्भे हैं जी क्या करें हत्यारों के हाथ बडे लम्बे हैं जी क्या करें आज ऐरे गैरे- भी महान बने बैठे हैं जाने- माने गुंडे संविधान बने बैठे हैं
आज ऐसे - ऐसे लोग कुर्सी पर तने मिले जिनके पूरे - पूरे हाथ खून मे सने मिले डाकु और वर्दियों की लाठी एक जैसी है संसद और चम्बल की घाटी एक जैसी है दिल्ली कैद हो गई है आज उनकी जेब मे जिनसे ज्यादा खुद्दारी है कोठे की पाजेब मे
दरबारों के हाल- चाल न पूछो घिनौने हैं गद्दियों के नीचे बेइमानी के बिछौने हैं हम हमारा लोकतन्त्र कहते हैं अनूठा है दल- बदल विरोधी कानूनो को ये अंगूठा है कभी पन्जा , कभी फूल, कभी चक्कर धारी हैं कभी वामपन्थी कभी हाथी की सवारी हैं
आज सामने खडे हैं कल मिलेंगे बाजू मे रात मे तुलेंगे सूटकेशों की तराजू मे आत्मायें दल बदलने को ऐसे मचलती हैं ज्यों वेश्यांये बिस्तरों की चादरें बदलती हैं उनकी आरती उतारो वे बडे महान हैं जिनकी दिल्ली मे दलाली की बडी दुकान है
ये वो घडियाल हैं जो सिन्धु मे भी सूखें हैं सारा देश खा चुके हैं और अभी भूखे हैं आसमा के तारे आप टूटते देखा करो देश का नसीब है ये फूटते देखा करो बोलना छोडो खामोशी का समय है दोस्तो डाकुओं की ताजपोशी का समय है दोस्तो
इति

Paired Painting
Draupadi Vastraharan
Open the viewer →
If this held you
Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Main Marte Loktantra Ka Bayan Hun carries.