
मेघा छाए आधी रात
Megha Chaye Adhi Raat
Gopaldas 'Neeraj'
3 verses · ~11 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

4 verses · ~1 min
खिलते हैं गुल यहाँ, खिलके बिखरने को मिलते हैं दिल यहाँ, मिलके बिछड़ने को खिलते हैं गुल यहाँ...
कल रहे ना रहे, मौसम ये प्यार का कल रुके न रुके, डोला बहार का चार पल मिले जो आज, प्यार में गुज़ार दे खिलते हैं गुल यहाँ...
झीलों के होंठों पर, मेघों का राग है फूलों के सीने में, ठंडी ठंडी आग है दिल के आइने में तू, ये समा उतार दे खिलते हैं गुल यहाँ...
प्यासा है दिल सनम, प्यासी ये रात है होंठों मे दबी दबी, कोई मीठी बात है इन लम्हों पे आज तू, हर खुशी निसार दे खिलते हैं गुल यहाँ ...
इति

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Khilte Hain Gul Yahan carries.