
ढीठ चांदनी
Dheeth Chandni
Dharamvir Bharati
5 verses · ~7 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

3 verses · ~1 min
मेघा छाए आधी रात, बैरन बन गई निंदिया बता दे मैं क्या करूँ मेघा छाए आधी रात, बैरन बन गई निंदिया
सब के आंगन दिया जले रे, मोरे आंगन जिया हवा लागे शूल जैसी, ताना मारे चुनरिया कैसे कहूँ मैं मन की बात, बैरन बन गयीं निंदिया बता दे मैं क्या करूँ मेघा छाए आधी रात, बैरन बन गई निंदिया
टूट गये रे सपने सारे, छूट गयी रे आशा नैन बहे रे गंगा मोरे, फिर भी मन है प्यासा आई है आँसू की बारात, बैरन बन गयी निंदिया बता दे मैं क्या करूँ मेघा छाए आधी रात, बैरन बन गई निंदिया
इति

Paired Painting
Nala and Damayanti in the Forest
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Megha Chaye Adhi Raat carries.