№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

Canvas
Karna Lifting the Chariot Wheel

Karuna

मंथरता से थकान

Mantharta Se Thakan

Geet Chaturvedi
2 min read 6 versesथकानfatigueमृत्यु

6 verses · ~2 min

मेरी त्वचा की पार्थिव दरारें तुम्हारी अनुपस्थिति का रेखांकन हैं प्रेम तुम्हारी नीति थी मुझ पर राज करना तुम्हारी इच्छा मैं तुम्हारी राजनीति से मारा गया

मेरे हृदय में हर पल मृत्यु का स्पंदन है बाँह के पास एक नस उसी लय पर फड़कती है जिस पर दिल धड़कता है

इतने बरसों में इतने शहरों में इतने मकानों में इतनी तरहों सेरहता आया मैं कि कई बार सुबह उठने पर यह अंदाज़ा नहीं होता कि बाईं ओर को बाथरूम पड़ता है या बाल्कनी

इस महासागर में जितनी भी बूँदें हैं वे मेरे जिए हुए पल हैं जितनी बूंदें छिपी हैं अनंत के मेघ और अमेघ में दिखने पर वे भी ठीक ऐसी ही दिखती हैं

मैं बलता रहा दीप की बाती की तरह जिसमें डूबा था वह तैल मुझे छलता रहा भरी दोपहर बीच सड़क जलाया तुमने मुझे मुझे कमतर जताने की तुम्हारी इस विनम्रता को चूमता हूं मैं

तुम आओ और मेरे पैरों में पहिया बन जाओ इस मंथरता से थक चुका हूँ मैं थकने के लिए अब मुझे गति चाहिए

इति

Geet Chaturvedi

The Poet

गीत चतुर्वेदी

Geet Chaturvedi

Karna Lifting the Chariot Wheel

Paired Painting

Karna Lifting the Chariot Wheel

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Mantharta Se Thakan carries.