
ब्राह्मन देवता
Brahman Devata
Buddhinath Mishra
6 verses · ~15 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
Loading the archive
MM · XXVI

4 verses · ~1 min
बजते हैं तैमूर-तमूरे नए वक़्त के ढहे कँगूरे।
पीते मुगली घुट्टी, खाते बिरियानी बाबरनामे की कहाँ-कहाँ से रकबा अपना नक़ल ढूँढ़ते बैनामे की देख रहे हैं आँखें मीचे शीशमहल के ख़्वाब अधूरे ।
घर है एक, एक है वालिद दो तन हैं इक जान, न देखें बाहर की पहचान पे मरते भीतर की पहचान न देखें दो भाई सदियों के बिछड़े कब मिलकर ये होंगे पूरे?
वह लड़का जो गाँव छोड़कर भाग गया था साहब बनने मिला सउदिया में ढाबे पर मुझको देख लगा सिर धुनने धँसी हुई आँखों में उसकी चाँद सितारों के थे चूरे!
इति

Paired Painting
Kaikeyi and Manthara
Open the viewer →
If this held you
Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Chand Ke Choore carries.