
काँटक बन मे
Kantak Ban Me
Buddhinath Mishra
6 verses · ~9 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

10 verses · ~2 min
बाबू पढ़ने छलाह अ सँ अदौड़ी आ सँ आमिल तैं न दौड़ि सकलाह ने मिल सकलाह सौराठक धवल-धार सँ।
जिनगी भरि करैत रहलाह पुरहिताइ खाइत रहलाह चूड़ा-दही बन्हैत रहलाह भोजनी आ अगों क पोटरी पूजावला अड.पोछा मे हम पढ़लहुँ अ सँ अनार आ सँ आम तहिया नहि बूझल छल जे ई वर्णमाला पढ़िते खास सँ आम भ जायब।
एहि देशक आरक्षित शब्दकोश मे फूलक सहस्रो पर्याय अछि मुदा फलक एकोटा नहि।
बून-बून सँ समुद्र बनवाक प्रक्रिया मे हम ओ भूतपूर्व बून छी जेकरा समुद्र कहयबाक अधिकार नहि छै।
आब हमर नेना पढ़ि रहल छथि ए सँ एपुल बी सँ बैग,सी सँ कैट।
आ धीरे-धीरे उतरि रहल अछि हमरा दू बीतक फ्लैट मे बाइबिलक आदम आदम क ईव आ ईवक वर्जित फल।
हमरा परदेस कें मात करत बौआ क बिदेस।
हमर लगायल आमक गाछी बाबुओ देखलनि,बौओ देखला लेकिन बौआक लगायल सेब क गाछ ओहि ईडन गार्डेन मे फरत जतय नहि हेतै आमक बास नहि हेतै अदौड़ी क विन्यास।
लिबर्टी क ईव पोति रहल अछि आस्ते-आस्ते मधुबनी क भित्तिचित्र कें देसी गुरूजी, एक्काँ-दुक्काँ,सबैया-अढ़ैया गरहाँ सभ जा रहल अछि भूगर्भ मे जीवाश्म बनवाक लेल।
(03 नवम्बर 2007)
इति

Paired Painting
Sita in Ashok Vatika
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Garaha Ka Jivashma carries.