
जैसा दिखता है
Jaisa Dikhta Hai
Bhawani Prasad Mishra
2 verses · ~6 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

8 verses · ~1 min
झूठ आज से नहीं अनन्त काल से रथ पर सवार है और सच चल रहा है पाँव-पाँव
नदी पहाड़ काँटे और फूल और धूल और ऊबड़-खाबड़ रास्ते सब सच ने जाने हैं
झूठ तो समान एक आसमान में उड़ता है और उतर जाता है जहाँ चाहता है
क्रमश: बदली है झूठ ने सवारियाँ
आज तो वह सुपरसॉनिक पर है
और सच आज भी पाँव-पाँव चल रहा है
इतना ही हो सकता है किसी-दिन कि देखें हम सच सुस्ता रहा है थोड़ी देर छाँव में और
सुपरसॉनिक किसी झँझट में पड़कर जल रहा है
इति

Paired Painting
Krishna and Arjuna on the Chariot
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Maharathi carries.