№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

Canvas
Landscape with Oak Tree

Shanta

मैं जो हूँ

Main Jo Hoon

Bhawani Prasad Mishra
1 min read 1 versesअस्तित्वexistenceस्वयं

1 verses · ~1 min

वस्तुतः मैं जो हूँ मुझे वहीं रहना चाहिए यानी वन का वृक्ष खेत की मेड़ नदी की लहर दूर का गीत व्यतीत वर्तमान में उपस्थित भविष्य में मैं जो हूँ मुझे वहीं रहना चाहिए तेज गर्मी मूसलाधार वर्षा कड़ाके की सर्दी खून की लाली दूब का हरापन फूल की जर्दी मैं जो हूँ मुझे अपना होना ठीक ठीक सहना चाहिए तपना चाहिए अगर लोहा हूँ हल बनने के लिए बीज हूँ तो गड़ना चाहिए फल बनने के लिए मैं जो हूँ मुझे वह बनना चाहिए धारा हूँ अन्तः सलिला तो मुझे कुएँ के रूप में खनना चाहिए ठीक जरूरतमंद हाथों से गान फैलाना चाहिए मुझे अगर मैं आसमान हूँ मगर मैं कब से ऐसा नहीं कर रहा हूँ जो हूँ वही होने से डर रहा र्हूँ

इति

Bhawani Prasad Mishra

The Poet

भवानीप्रसाद मिश्र

Bhawani Prasad Mishra

Landscape with Oak Tree

Paired Painting

Landscape with Oak Tree

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Main Jo Hoon carries.