№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

Canvas
Shantanu and Ganga

Shringara

प्रीति अगर अवसर देती तो हमनें भाग्य संवारा होता

Priti Agar Avasar Deti To Hamane Bhagya Sanvara Hota

Amitabh Tripathi ‘Amit’
1 min read 4 versesप्रीतिloveभाग्य

4 verses · ~1 min

प्रीति अगर अवसर देती तो हमनें भाग्य संवारा होता। कमल दलों का मोह न करते आज प्रभात हमारा होता।

नीर क्षीर दोनों मिल बैठे बहुत कठिन पहचान हो गई, किन्तु नीर नें नाम खो दिया और क्षीर की शान खो गई, काश! कभी प्रेमी हृदयों को विधि नें दिया सहारा होता। प्रीति अगर ... ...

सिन्धु मिलन के लिये नदी नें क्या-क्या बाधायें तोड़ी थीं, जलधि अंक में मिल जानें की क्या-क्या आशायें जोड़ी थीं, नदी सिन्धु से प्रीति न करती क्यों उसका जल खारा होता। प्रीति अगर ... ...

अनजानें अनुबन्ध हो गये, होने लगे पराये अपनें, श्यामाम्बर पर रजत कल्पना खींचा करती निशिदिन सपने, मीत तुम्हें जाना ही था तो पहले किया इशारा होता। प्रीति अगर ... ...

इति

Amitabh Tripathi ‘Amit’

The Poet

अमिताभ त्रिपाठी 'अमित'

Amitabh Tripathi ‘Amit’

Shantanu and Ganga

Paired Painting

Shantanu and Ganga

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Priti Agar Avasar Deti To Hamane Bhagya Sanvara Hota carries.