
उड़ें जब जब ज़ुल्फ़ें तेरी
Uden Jab Jab Zulfen Teri
Sahir Ludhianvi
5 verses · ~16 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Shringara
Tumhari Nazar Kyon Khafa Ho Gayi
Sahir Ludhianvi4 verses · ~2 min
तुम्हारी नज़र क्यों खफ़ा हो गई खता बख्श दो गर खता हो गई हमारा इरादा तो कुछ भी न था तुम्हारी खता खुद सज़ा हो गई तुम्हारी ...
सज़ा ही सही आज कुछ तो मिला है सज़ा में भी इक प्यार का सिलसिला है सज़ा ही सही आज कुछ तो मिला है सज़ा में भी इक प्यार का सिलसिला है मोहब्बत का कुछ भी अन्जाम हो मुलाक़ात ही इल्तजा हो गई तुम्हारी ...
मुलाक़ात पे इतने मगरूर क्यों हो हमारी खुशामद पे मजबूर क्यों हो मुलाक़ात पे इतने मगरूर क्यों हो हमारी खुशामद पे मजबूर क्यों हो मनाने की आदत कहां पड़ गई खताओं की तालीम क्या हो गई तुम्हारी ...
सताते न हम तो मनाते ही कैसे तुम्हें अपने नज़दीक लाते ही कैसे सताते न हम तो मनाते ही कैसे तुम्हें अपने नज़दीक लाते ही कैसे किसी दिन की चाहत अमानत ये थी वो आज दिल की आवाज़ हो गई तुम्हारी ...
इति

Paired Painting
A Nobleman and a Maiden in a Palace Interior
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Tumhari Nazar Kyon Khafa Ho Gayi carries.