
तुम्हारी नज़र क्यों खफ़ा हो गई
Tumhari Nazar Kyon Khafa Ho Gayi
Sahir Ludhianvi
4 verses · ~17 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Shringara
Nigahen Milane Ko Jee Chahta Hai
Sahir Ludhianvi7 verses · ~2 min
राज़ की बात है मेहफ़िल में कहें या न कहें बस गया है कोई इस दिल में कहें या न कहें कहें या न कहें
निगाहें मिलाने को जी चाहता है दिल-ओ-जाँ लुटाने को जी चाहता है
वो तोहमत जिसे इश्क़ कहती है दुनिया वो तोहमत उठाने को जी चाहता है
किसी के मनाने में लज़्ज़त वो पायी कि फिर रूठ जाने को जी चाहता है
वो जलवा जो ओझल भी है सामने भी वो जलवा चुराने को जी चाहता है
ओ... जिस घड़ी मेरी निगाहों को तेरी दीद हुई वो घड़ी मेरे लिये ऐश की तमहीद हुई जब कभी मैंने तेरा चाँद सा चेहरा देखा ईद हो या कि न हो मेरे लिये ईद हुई वो जलवा जो ओझल भी है सामने भी वो जलवा चुराने को जी चाहता है
मुलाक़ात का कोई पैग़ाम दीजिये की छुप छुपके आने को जी चाहता है और आके न जाने को जी चाहता है और आके न जाने को जी चाहता है निगाहें मिलाने को जी चाहता है
इति

Paired Painting
Indian Beauty
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Nigahen Milane Ko Jee Chahta Hai carries.