
मेरे घर आई एक नन्ही परी
Mere Ghar Ayi Ek Nanhi Pari
Sahir Ludhianvi
4 verses · ~13 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Shanta
Mere Bhaiya Mere Chanda Mere Anmol Ratan
Sahir Ludhianvi5 verses · ~2 min
मेरे भैया मेरे चँदा मेरे अनमोल रतन तेरे बदले मैं ज़माने की कोई चीज़ न लूँ मेरे भैया मेरे चँदा मेरे अनमोल रतन तेरे बदले मैं ज़माने की कोई चीज़ न लूँ
तेरी साँसों की कसम खाके, हवा चलती है तेरे चहरे की खलक पाके, बहार आती है एक पल भी मेरी नज़रों से तू जो ओझल हो हर तरफ़ मेरी नज़र तुझको पुकार आती है
मेरे भैया मेरे चँदा मेरे अनमोल रतन तेरे बदले मैं ज़माने की कोई चीज़ न लूँ मेरे भैया मेरे चँदा मेरे अनमोल रतन तेरे बदले मैं ज़माने की कोई चीज़ न लूँ
तेरे चहरे की महकती हुई लड़ियों के लिए अनगिनत फूल उम्मीदों के चुने हैं मैंने वो भी दिन आएं कि उन ख़्वाबों के ताबीर मिलें तेरे ख़ातिर जो हसीं ख़्वाब बुने हैं मैंने
मेरे भैया मेरे चँदा मेरे अनमोल रतन तेरे बदले मैं ज़माने की कोई चीज़ न लूँ मेरे भैया मेरे चँदा मेरे अनमोल रतन तेरे बदले मैं ज़माने की कोई चीज़ न लूँ
इति

Paired Painting
Decking the Bride
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Mere Bhaiya Mere Chanda Mere Anmol Ratan carries.