№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

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The First Doll

Shanta

मेरे घर आई एक नन्ही परी

Mere Ghar Ayi Ek Nanhi Pari

Sahir Ludhianvi
1 min read 4 versesबेटीdaughterनन्ही परी

4 verses · ~1 min

मेरे घर आई एक नन्ही परी, एक नन्ही परी चाँदनी के हसीन रथ पे सवार मेरे घर आई एक नन्ही परी

उसकी बातों में शहद जैसी मिठास उसकी सासों में इतर की महकास होंठ जैसे के भीगे-भीगे गुलाब गाल जैसे के बहके-बहके अनार मेरे घर आई एक नन्ही परी

उसके आने से मेरे आंगन में खिल उठे फूल गुनगुनायी बहार देख कर उसको जी नहीं भरता चाहे देखूँ उसे हज़ारों बार चाहे देखूँ उसे हज़ारों बार मेरे घर आई एक नन्ही परी

मैने पूछा उसे के कौन है तू हंसके बोली के मैं हूँ तेरा प्यार मैं तेरे दिल में थी हमेशा से घर में आई हूँ आज पहली बार मेरे घर आई एक नन्ही परी

इति

Sahir Ludhianvi

The Poet

साहिर लुधियानवी

Sahir Ludhianvi

The First Doll

Paired Painting

The First Doll

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Four more, in the same key.

Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Mere Ghar Ayi Ek Nanhi Pari carries.