
तुम अचिर मधुमास की पहली सुहागिन
Tum Achir Madhumas Ki Pahali Suhagin
Pratibha Saxena
5 verses · ~25 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Shringara
Yaad Tumhari Aati Hai
Pratibha Saxena3 verses · ~1 min
जब पलकें झपका कर नभ में तारे हँसते, तब मेरे मन को याद तुम्हारी आती है!
जब झूम-झूम उठते फूलों के दल के दल , मधुमय वसन्तश्री राग लुटाती आती है गुन-गुन के गुंजन में वन की डाली-दाली ,सौरभ मधु से मधुपों की प्यास मिटाती है , अमराई की डालों से उठती कूक पिकी की आकुलता तब मेरे मन को याद तुम्हारी आती है!
जब किसी द्वार पर अपनी झोली फैला कर , कोई अंधा भिक्षुक जिसका घर-बार नहीं , गा उठता कोई करुण मधुर संगीत कि दाता जो देदे वह होगा अस्वीकार नहीं! अभिमानी मन का मान डोल उठता है जब , तब मेरे मन को याद तुम्हारी आती है!
इति

Paired Painting
Kadambari
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Yaad Tumhari Aati Hai carries.