
तुमने केवल बाहर देखा
Tumne Keval Bahar Dekha
Pratibha Saxena
9 verses · ~57 lines · 3 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI
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4 verses · ~2 min
मेरे गीत तुम्हारे! ये अभाव के गान, किसी मानस की आकुल तान, व्यथा की क्षण-क्षण की अनुभूति, जहाँ पर आ कर बँधती! बात एक ही मेरी चाहे तेरी, जो पग-पग पर हारे! मेरे गीत तुम्हारे!
स्वप्निल पलकें खोल चले जग के रूखे आँगन में, वे जीवन के फूल जिन्हों ने मधु के दिवस न देखे बसने को पतझार चला जिन साँसोँ के कानन मे! वे अटके भटके से, बेबस जीवन के मारे, मेरे गीत तुम्हारे!
अधरों की मुस्कान, हृदय का क्रन्दन जहाँ मिलेँगे, करुणा-सिंचित कथा–कहानी, भले न मुख से फूटे, उस माटी मे गन्ध-विकल गीतोँ के फूल खिलेँगे! अश्रु-हास सुख-दुखमय जीवन चलता साथ तुम्हारे! मेरे गीत तुम्हारे!
मेरे स्वर ही मेरा परिचय, इतना-सा ही नाता, जगती की क्षणमयता और समय की लहरोँ मे भी एक यही संबंध जोड़ता मन से मन का नाता! हार गई जो अपनी बाजी लिखती नाम तुम्हारे मेरे गीत तुम्हारे!
इति
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Paired Painting
Gypsies
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If this held you
Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Mere Geet Tumhare carries.