№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

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Karna and Kunti

Karuna

अपनी माँ की किस्मत पर मेरे बेटे तू मत रो

Apni Maa Ki Kismat Par Mere Bete Tu Mat Ro

Kavi Pradeep
1 min read 3 versesमाँ-बेटाmother-sonममता

3 verses · ~1 min

अपनी माँ की किस्मत पर मेरे बेटे तू मत रो मैं तो काँटों में जी लुंगी जा तू फूलों पर सो अपनी माँ की किस्मत पर...

तू ही मेरे दिन का सूरज तू मेरी रात का चंदा एक दिन तो देगा तू ही मेरे अंत समय में कन्धा मेरा देख के उजड़ा जीवन तू आज दुखी मत हो मैं तो काँटों में जी लुंगी जा तू फूलों पर सो अपनी माँ की किस्मत पर...

हसने के ये दिन हैं तेरे रोने से तेरा क्या नाता रोने के लिए तो बेटा जनी है जगत में माता मेरे लाल ये आंसू देदे अपनी दुखिया माँ को मैं तो काँटों में जी लुंगी जा तू फूलों पर सो अपनी माँ की किस्मत पर... /peom

इति

Kavi Pradeep

The Poet

प्रदीप

Kavi Pradeep

Karna and Kunti

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Karna and Kunti

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