
एक जलधारा से संवाद
Ek Jaldhara Se Samvad
Paddy Martin
5 verses · ~16 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

5 verses · ~2 min
इसीलिए मैं बैठता हूँ यहाँ निर्जन बागीचे के एकांत कोने में विचार करता हुआ कि कितनी बार किया है मैंने प्रयास इन्द्रधनुष को पकड़ने का तब तक जब तक कि घेरे रहे मुझे आस्ट्रेलियाई प्रजाति के सुन्दर तोते और तितलियाँ
अरे! याद आता है वह समय जब बैठा था मैं नदी के किनारे अंजान होकर कि मेरे ही समीप वह बह रही है अपनी डगर पर किसी सुन्दर स्थान की ओर काश! मैं जान पाता जब मैं वहां बैठा हुआ था क्या मैंने कभी प्रयास किया उसे थामने का
अब नीरवता में बैठा हूँ मैं बागीचे के इस कोने में जानता हूँ जो कुछ भी वहाँ था उसका अपना अर्थ था और जो होना है समय आने पर होगा ही
तितलियाँ, तोते, नदी और मैं सभी बढ़ते रहेंगे विशालतम की ओर और 'मैं' ही हूँ तितली, तोता और नदी जैसे कि तितली, तोता और नदी है 'मैं'
अंग्रेजी भाषा से अनुवाद: अवनीश सिंह चौहान
इति

Paired Painting
Saraswati
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Ek Vicharniya Kshan carries.