№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

Loading the archive

MM · XXVI

Canvas
Kunti and Surya

Shanta

हुआ सवेरा

Hua Savera

Nida Fazli
1 min read 1 versesसवेरास्कूलबच्चे

1 verses · ~1 min

हुआ सवेरा ज़मीन पर फिर अदब से आकाश अपने सर को झुका रहा है कि बच्चे स्कूल जा रहे हैं नदी में स्नान करने सूरज सुनारी मलमल की पगड़ी बाँधे सड़क किनारे खड़ा हुआ मुस्कुरा रहा है कि बच्चे स्कूल जा रहे हैं हवाएँ सर-सब्ज़ डालियों में दुआओं के गीत गा रही हैं महकते फूलों की लोरियाँ सोते रास्तों को जगा रही घनेरा पीपल, गली के कोने से हाथ अपने हिला रहा है कि बच्चे स्कूल जा रहे हैं फ़रिश्ते निकले रोशनी के हर एक रस्ता चमक रहा है ये वक़्त वो है ज़मीं का हर ज़र्रा माँ के दिल सा धड़क रहा है पुरानी इक छत पे वक़्त बैठा कबूतरों को उड़ा रहा है कि बच्चे स्कूल जा रहे हैं बच्चे स्कूल जा रहे हैं.....

इति

Nida Fazli

The Poet

निदा फ़ाज़ली

Nida Fazli

Kunti and Surya

Paired Painting

Kunti and Surya

Open the viewer →

If this held you

Four more, in the same key.

Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Hua Savera carries.