
नयी-नयी कोपलें
Nayi-Nayi Kopalen
Makhanlal Chaturvedi
6 verses · ~14 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

3 verses · ~1 min
मधुर! तुम्हारा चित्र बन गया कुछ नीले कुछ श्वेत गगन पर हरे-हरे घन श्यामल वन पर द्रुत असीम उद्दण्ड पवन पर चुम्बन आज पवित्र बन गया, मधुर! तुम्हारा चित्र बन गया।
तुम आए, बोले, तुम खेले दिवस-रात्रि बांहों पर झेले साँसों में तूफान सकेले जो ऊगा वह मित्र बन गया, मधुर! तुम्हारा चित्र बन गया।
ये टिमटिम-पंथी ये तारे पहरन मोती जड़े तुम्हारे विस्तृत! तुम जीते हम हारे! चाँद साथ सौमित्र बन गया। मधुर! तुम्हारा चित्र बन गया।
इति

Paired Painting
Devayani and Yayati
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Tumhara Chitra carries.