№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

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Sita Swayamvar

Shringara

तुम मिले

Tum Mile

Makhanlal Chaturvedi
2 min read 6 versesमिलनयौवनरागिनी

6 verses · ~2 min

तुम मिले, प्राण में रागिनी छा गई!

भूलती-सी जवानी नई हो उठी, भूलती-सी कहानी नई हो उठी, जिस दिवस प्राण में नेह बंसी बजी, बालपन की रवानी नई हो उठी। किन्तु रसहीन सारे बरस रसभरे हो गए जब तुम्हारी छटा भा गई। तुम मिले, प्राण में रागिनी छा गई।

घनों में मधुर स्वर्ण-रेखा मिली, नयन ने नयन रूप देखा, मिली- पुतलियों में डुबा कर नज़र की कलम नेह के पृष्ठ को चित्र-लेखा मिली; बीतते-से दिवस लौटकर आ गए बालपन ले जवानी संभल आ गई।

तुम मिले, प्राण में रागिनी छा गई।

तुम मिले तो प्रणय पर छटा छा गई, चुंबनों, सावंली-सी घटा छा गई, एक युग, एक दिन, एक पल, एक क्षण पर गगन से उतर चंचला आ गई।

प्राण का दान दे, दान में प्राण ले अर्चना की अमर चाँदनी छा गई। तुम मिले, प्राण में रागिनी छा गई।

इति

Makhanlal Chaturvedi

The Poet

माखनलाल चतुर्वेदी

Makhanlal Chaturvedi

Sita Swayamvar

Paired Painting

Sita Swayamvar

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Tum Mile carries.