№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

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Swarna Mohini

Shringara

मैं प्रिय पहचानी नहीं

Main Priya Pahchani Nahin

Mahadevi Varma
2 min read 6 versesविरहअपरिचितप्रतीक्षा

6 verses · ~2 min

पथ देख बिता दी रैन मैं प्रिय पहचानी नहीं!

तम ने धोया नभ-पंथ सुवासित हिमजल से; सूने आँगन में दीप जला दिये झिल-मिल से; आ प्रात बुझा गया कौन अपरिचित, जानी नहीं! मैं प्रिय पहचानी नहीं!

धर कनक-थाल में मेघ सुनहला पाटल सा, कर बालारूण का कलश विहग-रव मंगल सा, आया प्रिय-पथ से प्रात- सुनायी कहानी नहीं! मैं प्रिय पहचानी नहीं!

नव इन्द्रधनुष सा चीर महावर अंजन ले, अलि-गुंजित मीलित पंकज- -नूपुर रूनझुन ले, फिर आयी मनाने साँझ मैं बेसुध मानी नहीं! मैं प्रिय पहचानी नहीं!

इन श्वासों का इतिहास आँकते युग बीते; रोमों में भर भर पुलक लौटते पल रीते; यह ढुलक रही है याद नयन से पानी नहीं! मैं प्रिय पहचानी नहीं!

अलि कुहरा सा नभ विश्व मिटे बुद्‌बुद्‌‌-जल सा; यह दुख का राज्य अनन्त रहेगा निश्चल सा; हूँ प्रिय की अमर सुहागिनि पथ की निशानी नहीं! मैं प्रिय पहचानी नहीं!

इति

Mahadevi Varma

The Poet

महादेवी वर्मा

Mahadevi Varma

Swarna Mohini

Paired Painting

Swarna Mohini

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Main Priya Pahchani Nahin carries.