№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

Canvas
Lady With Comb

Shringara

इस बार आओगे तो पाओगे

Is Baar Aaoge To Paoge

Amitabh Tripathi ‘Amit’
2 min read 8 versesविरहseparationप्रतीक्षा

8 verses · ~2 min

इस बार आओगे तो पाओगे...

नये फ्रेम में लगा दी है मैनें अपनी और तुम्हारी तस्वीर, निहारती हूँ मेरे कन्धे पर रखे तुम्हारे हाथ और तुम्हारे चेहरे की मुस्कान को...

इस बार आओगे तो पाओगे बालकनी में रखे हैं मैंनें सात गमले तुम्हारी सुधियों के पौधे लगाकर रोज़ सींचती हूँ उन्हें अपने स्पर्श से और छलक आये आँसुओं से...

इस बार आओगे तो पाओगे मैंनें सजा कर रखी है तुम्हारी कलम, जिसे तुम भूल गये थे (हमेशा की तरह) और वो कप भी जिससे तुमने चाये पी थी जाने से पहले...

इस बार आओगे तो पाओगे मेरे कानों के ऊपर उग आये हैं चाँदी के धागे तुम्हारे चेहरे से निकली किरण मेरी आँखों में समाने से पहले आयेगी निर्जीव शीशे से छनकर...

इस बार आओगे तो पाओगे मैं लड़ रही हूँ अपनी ही परछाई से बन्द कर दिये हैं रोशनदान बुझा दिये हैं बल्ब और ट्यूब ओढ़ ली है एक मोटी चादर तुम्हारे वादों की...

इस बार आओगे तो पाओगे मैंने हटा दी है कॉलबेल, तभी से बन्द हैं ये दरवाज़े तुम्हारी उस ख़ास दस्तक की प्रतीक्षा में जिसे केवल मैं जानती हूँ।

तुम, कब आओगे?...

इति

Amitabh Tripathi ‘Amit’

The Poet

अमिताभ त्रिपाठी 'अमित'

Amitabh Tripathi ‘Amit’

Lady With Comb

Paired Painting

Lady With Comb

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Four more, in the same key.

Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Is Baar Aaoge To Paoge carries.