
सबको तुम अच्छा कहते हो, कानो को प्रियकर लगता है
Sabko Tum Achha Kahte Ho, Kano Ko Priyakar Lagta Hai
Amitabh Tripathi ‘Amit’
5 verses · ~12 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
Loading the archive
MM · XXVI

Shringara
Is Baar Aaoge To Paoge
Amitabh Tripathi ‘Amit’8 verses · ~2 min
इस बार आओगे तो पाओगे...
नये फ्रेम में लगा दी है मैनें अपनी और तुम्हारी तस्वीर, निहारती हूँ मेरे कन्धे पर रखे तुम्हारे हाथ और तुम्हारे चेहरे की मुस्कान को...
इस बार आओगे तो पाओगे बालकनी में रखे हैं मैंनें सात गमले तुम्हारी सुधियों के पौधे लगाकर रोज़ सींचती हूँ उन्हें अपने स्पर्श से और छलक आये आँसुओं से...
इस बार आओगे तो पाओगे मैंनें सजा कर रखी है तुम्हारी कलम, जिसे तुम भूल गये थे (हमेशा की तरह) और वो कप भी जिससे तुमने चाये पी थी जाने से पहले...
इस बार आओगे तो पाओगे मेरे कानों के ऊपर उग आये हैं चाँदी के धागे तुम्हारे चेहरे से निकली किरण मेरी आँखों में समाने से पहले आयेगी निर्जीव शीशे से छनकर...
इस बार आओगे तो पाओगे मैं लड़ रही हूँ अपनी ही परछाई से बन्द कर दिये हैं रोशनदान बुझा दिये हैं बल्ब और ट्यूब ओढ़ ली है एक मोटी चादर तुम्हारे वादों की...
इस बार आओगे तो पाओगे मैंने हटा दी है कॉलबेल, तभी से बन्द हैं ये दरवाज़े तुम्हारी उस ख़ास दस्तक की प्रतीक्षा में जिसे केवल मैं जानती हूँ।
तुम, कब आओगे?...
इति

Paired Painting
Lady With Comb
Open the viewer →
If this held you
Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Is Baar Aaoge To Paoge carries.