
अश्रु यह पानी नहीं है
Ashru Yeh Paani Nahin Hai
Mahadevi Varma
11 verses · ~38 lines · 2 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

5 verses · ~1 min
वे मुस्काते फूल, नहीं जिनको आता है मुर्झाना, वे तारों के दीप, नहीं जिनको भाता है बुझ जाना;
वे नीलम के मेघ, नहीं जिनको है घुल जाने की चाह वह अनन्त रितुराज,नहीं जिसने देखी जाने की राह|
वे सूने से नयन,नहीं जिनमें बनते आँसू मोती, वह प्राणों की सेज,नही जिसमें बेसुध पीड़ा सोती;
ऐसा तेरा लोक, वेदना नहीं,नहीं जिसमें अवसाद, जलना जाना नहीं, नहीं जिसने जाना मिटने का स्वाद!
क्या अमरों का लोक मिलेगा तेरी करुणा का उपहार? रहने दो हे देव! अरे यह मेरा मिटने का अधिकार!
इति

Paired Painting
Urvashi
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Adhikar carries.