
दिल हिज्र के दर्द से बोझल है अब आन मिलो तो बेहतर हो
Dil Hijr Ke Dard Se Bojhal Hai Ab Aan Milo To Behtar Ho
Ibn-e-Insha
8 verses · ~20 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

3 verses · ~1 min
आँजुरी भर धूप-सा मुझे पी लो! कण-कण मुझे जी लो! जितना हुआ हूँ मैं आज तक किसी का भी - बादल नहाई घाटियों का, पगडंडी का, अलसाई शामों का, जिन्हें नहीं लेता कभी उन भूले नामों का,
जिनको बहुत बेबसी में पुकारा है जिनके आगे मेरा सारा अहम् हारा है, गजरे-सी बाँहों का रंग-रचे फूलों का बौराए सागर के ज्वार-धुले कूलों का, हरियाली छाहों का अपने घर जानेवाली प्यारी राहों का -
जितना इन सबका हूँ उतना कुल मिलाकर भी थोड़ा पड़ेगा मैं जितना तुम्हारा हूँ जी लो मुझे कण-कण अँजुरी भर पी लो!
इति

Paired Painting
Krishna Embracing Radha
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Anjuri Bhar Dhoop carries.