
गामक लोक
Gamak Lok
Buddhinath Mishra
6 verses · ~10 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

5 verses · ~1 min
गाम अनचिन्हार भेल, लोक अनचिन्हार चिनहै अछि मुदा आइ धरि करेह-धार ।।
वैह तप्पत बाउल आर वैह कंचन पानि डेगे-डेगे लैए गोड़ दुनू छानि चिरै-चुनमुनी आइयॊ दैत अछि हकार ।
कुशल-छेम पूछै अछि बूढ़ बड़क गाछ पूछै अछि 'कोना रहै छी' मखान-माछ ठकमूरी लागल अछि, फूटै अछि नहि बकार ।
डोमबा गाछीक आम पूछै अछि हमर नाम पूछै अछि जाति-पाँजि अपने रोपल लताम तामसे न बाजै अछि हमरा सँ घरक चार ।
नगरक देखादेखी गाम क' रहल विकास पानि बिकायत एत्तहु, सुनि कें कोसी उदास बिला गेलै टोल आर भाथल गामक इनार ।
इति

Paired Painting
Shantanu and Ganga
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Kareh Dhar carries.