
जैसा दिखता है
Jaisa Dikhta Hai
Bhawani Prasad Mishra
2 verses · ~6 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Shanta
Choti Choti Kavitaen
Bhawani Prasad Mishra5 verses · ~1 min
कोई भी काम कर्तव्य बन जाता है उसी क्षण जब हमें लगता है कि वह उस निष्ठा का अंग है जो जीवन के पहले क्षण से हमारे संग है.
———– हमारा सब कुछ अपनी-अपनी जगह हो तभी समझ सकते हैं हम इतनी छोटी बात भी जैसे एक और एक दो ———
अपने प्रति सख्त बनो जिससे नरम बन सको दूसरों के प्रति अच्छी है अति यहीं और कहीं नहीं ———
खुल जाएँ अगर दृष्टि के द्वार तो दिखने लगे सब कुछ आँखों के सामने वैसा ही जैसा वह है अनंत याने तब फिर न दौड़ें -फिरें हम कुछ भी पाने. ———
जो जितना ऊंचा चढ़ता है उतना साबित कदम बनाना पड़ता है उसको मौत का सबब बन सकती है एक पल मे ऊंचाई पर लापरवाही.
इति

Paired Painting
Parashurama, the Sixth Avatar of Lord Vishnu
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Choti Choti Kavitaen carries.