
मातृभूमि
Matribhumi
Maithili Sharan Gupt
1 verse · ~42 lines · 2 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
Loading the archive
MM · XXVI

Veera
Matri-Bhu Shat-Shat Bar Pranam
Bhagwati Charan Verma5 verses · ~2 min
मातृ-भू, शत-शत बार प्रणाम ऐ अमरों की जननी, तुमको शत-शत बार प्रणाम, मातृ-भू शत-शत बार प्रणाम। तेरे उर में शायित गांधी, 'बुद्ध औ' राम, मातृ-भू शत-शत बार प्रणाम।
हिमगिरि-सा उन्नत तव मस्तक, तेरे चरण चूमता सागर, श्वासों में हैं वेद-ऋचाएँ वाणी में है गीता का स्वर। ऐ संसृति की आदि तपस्विनि, तेजस्विनि अभिराम। मातृ-भू शत-शत बार प्रणाम।
हरे-भरे हैं खेत सुहाने, फल-फूलों से युत वन-उपवन, तेरे अंदर भरा हुआ है खनिजों का कितना व्यापक धन। मुक्त-हस्त तू बाँट रही है सुख-संपत्ति, धन-धाम। मातृ-भू शत-शत बार प्रणाम।
प्रेम-दया का इष्ट लिए तू, सत्य-अहिंसा तेरा संयम, नयी चेतना, नयी स्फूर्ति-युत तुझमें चिर विकास का है क्रम। चिर नवीन तू, ज़रा-मरण से - मुक्त, सबल उद्दाम, मातृ-भू शत-शत बार प्रणाम।
एक हाथ में न्याय-पताका, ज्ञान-द्वीप दूसरे हाथ में, जग का रूप बदल दे हे माँ, कोटि-कोटि हम आज साथ में। गूँज उठे जय-हिंद नाद से - सकल नगर औ' ग्राम, मातृ-भू शत-शत बार प्रणाम।
इति

Paired Painting
Bharat Mata
Open the viewer →
If this held you
Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Matri-Bhu Shat-Shat Bar Pranam carries.