
मोम की ज़िन्दगी घुला करना
Mom Ki Zindagi Ghula Karna
Bashir Badr
7 verses · ~9 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

7 verses · ~1 min
प्यार पंछी सोच पिंजरा दोनों अपने साथ हैं, एक सच्चा, एक झूठा, दोनों अपने साथ हैं,
आसमाँ के साथ हमको ये जमीं भी चाहिए, भोर बिटिया, साँझ माता दोनों अपने साथ हैं।
आग की दस्तार बाँधी, फूल की बारिश हुई, धूप पर्वत, शाम झरना, दोनों अपने साथ हैं।
ये बदन की दुनियादारी और मेरा दरवेश दिल, झूठ माटी, साँच सोना, दोनों अपने साथ हैं।
वो जवानी चार दिन की चाँदनी थी अब कहाँ, आज बचपन और बुढ़ापा दोनों अपने साथ हैं।
मेरा और सूरज का रिश्ता बाप बेटे का सफ़र, चंदा मामा, गंगा मैया, दोनों अपने साथ हैं।
जो मिला वो खो गया, जो खो गया वो मिल गया, आने वाला, जाने वाला, दोनों अपने साथ हैं।
इति

Paired Painting
Krishna and Arjuna in Dwarka
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Pyar Panchhi, Soch Pinjra carries.