
जिन्दगी इक तलाश है क्या है?
Zindagi Ik Talash Hai Kya Hai?
Amitabh Tripathi ‘Amit’
8 verses · ~12 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

8 verses · ~1 min
1.
जानता हूँ कि ग़ैर हैं सपने और खुशियाँ भी ये अधूरी हैं किंतु जीवन गुज़ारने के लिए कुछ ग़लत फ़ेहमियाँ ज़रूरी हैं
2.
हसरतों की ज़हर बुझी लौ में मोम-सा दिल गला दिया मैंने कौन बिजली की धमकियाँ सहता आशियाँ ख़ुद जला दिया मैंने
3.
दर्द के हाथ बिक गई ख़ुशियाँ और हम बेच कर बहुत रोए जैसे कोई दीया बुझा तो दे किंतु फिर रात भर नहीं सोए
4.
कल मिले या न मिले प्यार गवाही के लिए कल उठे या न उठे हाथ सुराही के लिए आज की शाम को रंगीन बना लो इतना कोई कोना न बचे रात की स्याही के लिए
इति

Paired Painting
Pratima Visarjan
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Qataat carries.