
टुकड़ा काग़ज़ का
Tukda Kagaz Ka
Avaneesh Singh Chauhan
7 verses · ~10 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

6 verses · ~1 min
एक तिनका हम हमारा क्या वज़न
हम पराश्रित वायु के चंद पल हैं आयु के एक पल अपना ज़मीं है दूसरा पल है गगन
ईंट हम इस नीड़ के ईंट हम उस नीड़ के पंछियों से हर दफ़ा होता गया अपना चयन
ग़ौर से देखो हमें रँग वही हम पर जमे वो हमी थे, जब हरे थे बीज का हम कवच बन
हम हुए जो बेदख़ल घाव से छप्पर विकल आज भी बरसात में टपकें हमारे ये नयन
साध थी उठ राह से हम जुड़ें परिवार से आज रोटी सेंक श्रम की ज़िंदगी कर दी हवन
इति

Paired Painting
Girl from the Santhal Tribe
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Ek Tinka Ham carries.