
जीने-मरने की!
Jeene-Marne Ki
Buddhinath Mishra
7 verses · ~11 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

5 verses · ~1 min
टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते
सत्य का संघर्ष सत्ता से न्याय लड़ता निरंकुशता से अंधेरे ने दी चुनौती है किरण अंतिम अस्त होती है
दीप निष्ठा का लिये निष्कंप वज्र टूटे या उठे भूकंप यह बराबर का नहीं है युद्ध हम निहत्थे, शत्रु है सन्नद्ध हर तरह के शस्त्र से है सज्ज और पशुबल हो उठा निर्लज्ज
किन्तु फिर भी जूझने का प्रण अंगद ने बढ़ाया चरण प्राण-पण से करेंगे प्रतिकार समर्पण की माँग अस्वीकार
दाँव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते
इति

Paired Painting
Hanuman Bound in the Court of Ravana
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Jhuk Nahi Sakte carries.