№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

Canvas
Scene from a Hindu Marriage

Karuna

ओढ़नी

Odhni

Anamika
1 min read 5 versesओढ़नीदुल्हनदहेज

5 verses · ~1 min

मैट्रिक के इम्तिहान के बाद सीखी थी दुल्हन ने फुलकारी! दहेज की चादरों पर माँ ने कढ़वाये थे तरह-तरह के बेल-बूटे, तकिए के खोलों पर 'गुडलक' कढ़वाया था! कौन माँ नहीं जानती, जी, ज़रूरत दुनिया में 'गुडलक' की!

और उसके बाद? एक था राजा, एक थी रानी और एक थी ओढ़नी- लाल ओढ़नी फूलदार!

और उसके बाद? एक था राजा, एक थी रानी और एक ख़तम कहानी! दुल्हन की कटी-फटी पेशानी और ओढ़नी ख़ूनम-ख़ून!

अपने वजूद की माटी से धोती थी रोज इसे दुल्हन और गोदी में बिछा कर सुखाती थी सोचती सी यह चुपचाप- तार-तार इस ओढ़नी से क्या वह कभी पोंछ पाएगी खूंखार चेहरों की खूंखारिता और मैल दिलों का?

घर का न घाट का- उसका दुपट्टा लहराता था आसमानों पर- 'गगन में गैब निसान उडै़' की धुन पर- आहिस्ता-आहिस्ता!

इति

Anamika

The Poet

अनामिका

Anamika

Scene from a Hindu Marriage

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Scene from a Hindu Marriage

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Odhni carries.