№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

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Saint Shravana Goes to Heaven

Karuna

सपनों को कल रात जलाया

Sapnon Ko Kal Raat Jalaya

Amitabh Tripathi ‘Amit’
2 min read 6 versesसपनेdreamsपीड़ा

6 verses · ~2 min

सपनों को कल रात जलाया

हर करवट पर चुभते थे जो घुटन बढ़ाते घुटते थे जो मुझे पीसते पिसते थे जो रोते कभी सिसकते थे जो मन पर भारी पत्थर रख कर उन्हें विदा का शीश नवाया सपनों को कल रात जलाया

सुबह राख़ से झाँक रहे थे मुझ विस्मित को ताक रहे थे मेरे मन को आँक रहे रहे थे मन की दरकन टाँक रहे थे उनकी मन्दस्मित रेखा से मन ही मन मैं बहुत लजाया सपनो को कल रात जलाया

सपनों में संवाद छिड़ा है और बीच में मौन खड़ा है जीवन बड़ा कि स्वप्न बड़ा है तर्कों का इक बोझ पड़ा है स्वप्न-प्रलोभन में आकर के मैंने ही ख़ुद को भरमाया सपनों को कल रात जलाया

स्वप्नों से अब बोल रहा हूँ मन की पीड़ा खोल रहा हूँ अच्छे शब्द टटोल रहा हू हर अवसर को तोल रहा हूँ स्वप्नों मुझे छोड़ दो भाई आर्तनाद कर मैं चिल्लाया सपनो को कल रात जलाया

लेगा कोई ज़िम्मेदारी? स्वप्नों की दे रहा सुपारी मैंने तो ये बाज़ी हारी जीत गया फिर वक़्त शिकारी रक्तबीज के वंशज स्वप्नों मुझको ही क्यों लक्ष्य बनाया सपनों को कल रात जलाया

इति

Amitabh Tripathi ‘Amit’

The Poet

अमिताभ त्रिपाठी 'अमित'

Amitabh Tripathi ‘Amit’

Saint Shravana Goes to Heaven

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Saint Shravana Goes to Heaven

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Sapnon Ko Kal Raat Jalaya carries.