
खिली सरसो
Khili Sarso
Jagdish Gupta
7 verses · ~13 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI
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5 verses · ~1 min
बहुत दिनों बाद मुझे धूप ने बुलाया
ताते जल नहा पहन श्वेत वसन आयी खुले लान बैठ गयी दमकती लुनायी सूरज खरगोश धवल गोद उछल आया। बहुत दिनों बाद मुझे धूप ने बुलाया।
नभ के उद्यान-छत्र तले मेजः टीला, पड़ा हरा फूल कढ़ा मेजपोश पीला, वृक्ष खुली पुस्तक हर पृष्ठ फड़फड़ाया। बहुत दिनों बाद मुझे धूप ने बुलाया।
पैरों में मखमल की जूती-सी-क्यारी, मेघ ऊन का गोला बुनती सुकुमारी, डोलती सलाई हिलता जल लहराया। बहुत दिनों बाद मुझे धूप ने बुलाया।
बोली कुछ नहीं, एक कुसीर् की खाली, हाथ बढ़ा छज्जे की साया सरकाली, बाँह छुड़ा भागा, गिर बर्फ हुई छाया। बहुत दिनों बाद मुझे धूप ने बुलाया।
इति
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Paired Painting
Lady at Ball Game
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Jaade Ki Dhoop carries.