
सुबहे-नौरोज़
Subahe-Nauroz
Sahir Ludhianvi
1 verse · ~13 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Karuna
Dil Jo Na Kah Saca Vahi Raz-E-Dil
Sahir Ludhianvi4 verses · ~1 min
दिल जो ना कह सका वोही राज़-ए-दिल कहने की रात आई दिल जो ना कह सका
तौबा ये किस ने अंजुमन सजा के टुकड़े किये हैं गुंच-ए-वफ़ा के टुकड़े किये हैं गुंच-ए-वफ़ा के उछालो गुलों के टुकड़े के रंगीं फ़िज़ाओं में रहने की रात आई दिल जो ना कह सका
चलिये मुबारक ये जश्न दोस्ती का दामन तो थामा आप ने किसी का दामन तो थामा आप ने किसी का हमें तो खुशी यही है तुम्हें भी किसी को अपना कहने की रात आई दिल जो ना कह सका
सागर उठाओ दिल का किस को ग़म है आज दिल की क़ीमत जाम से भी कम है पियो चाहे खून-ए-दिल हो के पीते पिलाते ही रहने की रात आई दिल जो ना कह सका
इति

Paired Painting
Draupadi Presented to the Pachisi Game
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Dil Jo Na Kah Saca Vahi Raz-E-Dil carries.