
मत पूछना
Mat Puchna
Raghuvir Sahay
1 verse · ~5 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

4 verses · ~1 min
युक्ति के सारे नियंत्रण तोड़ डाले, मुक्ति के कारण नियम सब छोड़ डाले, अब तुम्हारे बंधनों की कामना है|
विरह यामिनी में न पल भर नींद आई, क्यों मिलन के प्रात वह नैनों समाई, एक क्षण में ही तो मिलन में जागना है|
यह अभागा प्यार ही यदि है भुलाना, तो विरह के वे कठिन क्षण भूल जाना, हाय जिनका भूलना मुझको मना है |
मुक्त हो उच्छ्वास अंबर मापता है, तारकों के पास जा कुछ काँपता है, श्वास के हर कम्प में कुछ याचना है|
इति

Paired Painting
Shiva and Parvati Seated on a Terrace
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Yachana carries.