
राज करैए छांगुर
Raj Karaiye Changur
Buddhinath Mishra
7 verses · ~12 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

2 verses · ~1 min
मनुष्य के कल्याण के लिए पहले उसे इतना भूखा रखो कि वह औऱ कुछ सोच न पाए फिर उसे कहो कि तुम्हारी पहली ज़रूरत रोटी है जिसके लिए वह गुलाम होना भी मंज़ूर करेगा फिर तो उसे यह बताना रह जाएगा कि अपनों की गुलामी विदेशियों की गुलामी से बेहतर है और विदेशियों की गुलामी वे अपने करते हों जिनकी गुलामी तुम करते हो तो वह भी क्या बुरी है तुम्हें रोटी तो मिल रही है एक जून।
(जनवरी, 1972)
इति

Paired Painting
Lord Krishna Presenting Akshaya Patra to Draupadi
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Gulami carries.