
कुशलगीत
Kushalgeet
Maithili Sharan Gupt
1 verse · ~9 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

6 verses · ~1 min
तेरे रंग डूबी, मैं तो मैं ना रही!
एक तेरा नाम, और सारे नाम झूठे, ना रही परवाह जग रूठे तो रूठे सुख ना चाहूँ तो से, ना रे, ना रे ना, नहीं!
एक तु ही जाने और जाने न कोई, जाने कौन अँखियाँ जो छिप-छिप रोईं एक तू ही को तो, मन और का चही!
बीते जुग सूरत भुलाय गई रे, तेरी अनुहार मैं ही पाय गई रे . पल-छिन मैं तेरे ही ध्यान में बही!
एक खुशी पाई तोसे पिरीतिया गहन, तू ना मिला, मिटी कहाँ जी की जरन, तेरे बिन जनम, बिन अगन मैं दही!
कि मैं झूठी, कि ये वचन झूठा, जा पे सनेह सच, मिले सही क्या रीत नहीं जानूँ, बस जानूँ जो कही!
इति

Paired Painting
A Woman Playing a Tanpura
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Baul-Geet carries.