
बाबुल तुम बगिया के तरुवर
Babul Tum Bagiya Ke Taruvar
Gopal Singh Nepali
14 verses · ~88 lines · 4 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

2 verses · ~1 min
रोटियाँ ग़रीब की प्रार्थना बनी रही एक ही तो प्रश्न है रोटियों की पीर का पर उसे भी आसरा आँसुओं के नीर का राज है ग़रीब का ताज दानवीर का तख़्त भी पलट गया कामना गई नहीं रोटियाँ ग़रीब की प्रार्थना बनी रही
चूम कर जिन्हें सदा क्राँतियाँ गुज़र गईं गोद में लिये जिन्हें आँधियाँ बिखर गईं पूछता ग़रीब वह रोटियाँ किधर गई देश भी तो बँट गया वेदना बँटी नहीं रोटियाँ ग़रीब की प्रार्थना बनी रही
इति

Paired Painting
Mandodari
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Prarthana Bani Rahi carries.