
तारे चमके, तुम भी चमको
Tare Chamke, Tum Bhi Chamko
Gopal Singh Nepali
5 verses · ~12 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Shringara
Muskurati Rahi Kamana
Gopal Singh Nepali7 verses · ~2 min
तुम जलाकर दिये, मुँह छुपाते रहे, जगमगाती रही कल्पना रात जाती रही, भोर आती रही, मुसकुराती रही कामना
चाँद घूँघट घटा का उठाता रहा द्वार घर का पवन खटखटाता रहा पास आते हुए तुम कहीं छुप गए गीत हमको पपीहा रटाता रहा
तुम कहीं रह गये, हम कहीं रह गए, गुनगुनाती रही वेदना रात जाती रही, भोर आती रही, मुसकुराती रही कामना
तुम न आए, हमें ही बुलाना पड़ा मंदिरों में सुबह-शाम जाना पड़ा लाख बातें कहीं मूर्तियाँ चुप रहीं बस तुम्हारे लिए सर झुकाता रहा
प्यार लेकिन वहाँ एकतरफ़ा रहा, लौट आती रही प्रार्थना रात जाती रही, भोर आती रही, मुसकुराती रही कामना
शाम को तुम सितारे सजाते चले रात को मुँह सुबह का दिखाते चले पर दिया प्यार का, काँपता रह गया तुम बुझाते चले, हम जलाते चले
दुख यही है हमें तुम रहे सामने, पर न होता रहा सामना रात जाती रही, भोर आती रही, मुसकुराती रही कामना
इति

Paired Painting
Radha Waiting for Krishna
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Muskurati Rahi Kamana carries.