№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

Canvas
Lady with a Vessel

Shanta

जीवन कटना था कट गया

Jeevan Katna Tha Kat Gaya

Gopaldas 'Neeraj'
1 min read 4 versesजीवनlifeकपड़ा

4 verses · ~1 min

जीवन कटना था, कट गया अच्छा कटा, बुरा कटा यह तुम जानो मैं तो यह समझता हूँ कपड़ा पुराना एक फटना था, फट गया जीवन कटना था कट गया।

रीता है क्या कुछ बीता है क्या कुछ यह हिसाब तुम करो मैं तो यह कहता हूँ परदा भरम का जो हटना था, हट गया जीवन कटना था कट गया।

क्या होगा चुकने के बाद बूँद-बूँद रिसने के बाद यह चिंता तुम करो मैं तो यह कहता हूँ करजा जो मिटटी का पटना था, पट गया जीवन कटना था कट गया।

बँधा हूँ कि खुला हूँ मैला हूँ कि धुला हूँ यह विचार तुम करो मैं तो यह सुनता हूँ घट-घट का अंतर जो घटना था, घट गया जीवन कटना था कट गया।

इति

Gopaldas 'Neeraj'

The Poet

गोपालदास "नीरज

Gopaldas 'Neeraj'

Lady with a Vessel

Paired Painting

Lady with a Vessel

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Jeevan Katna Tha Kat Gaya carries.