
पत्तियाँ यह चीड़ की
Pattiyan Yah Chid Ki
Naresh Saxena
3 verses · ~12 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

3 verses · ~1 min
कितनी सुन्दर होती हैं पत्तियाँ नीम की ये कोई कविता क्या बताएगी
जो उन्हें मीठे दूध में बदल देती है उस बकरी से पूछो पूछो उस माँ से जिसने अपने शिशु को किया है निरोग उन पत्तियों से जिसके छप्पर पर उनका धुआँ ध्वजा की तरह लहराता है और जिसके आँगन में पत्तियाँ आशीषों की तरह झड़ती हैं
कभी नीम के सफ़ेद नन्हें फूलों की गंध अपने सीने में भरी? कभी उसकी छाल को घिसकर अपने घावों पर लगाया? कभी भादों के झकोरों में उन हरी कटारों के झौरों को झूमते हुए देखा? नहीं! तब तो यह कविता मेरा नाम ही धराएगी जिसकी कोई पंक्ति एक हरी पत्ती-भर छाया भी दे नहीं पाएगी वो क्या बताएगी कि कितनी सुन्दर होती हैं पत्तियाँ नीम की ।
इति

Paired Painting
Hermitage of Valmiki, Folio from the Nadaun Ramayana
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Neem Ki Pattiyan carries.