
कागळ कोण लेई जायरे मथुरामां
Kagal Kon Lei Jayre Mathuraman
Mirabai
1 verse · ~7 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

1 verses · ~1 min
राम बिन निंद न आवे। बिरह सतावे प्रेमकी आच ठुरावे॥ध्रु०॥ पियाकी जोतबिन मो दर आंधारो दीपक कदायन आवे। पियाजीबिना मो सेज न आलुनी जाननरे ए बिहावे। कबु घर आवे घर आवे॥१॥ दादर मोर पपीया बोले कोयल सबद सुनावे। गुमट घटा ओल रहगई दमक चमक दुरावे। नैन भर आवें॥२॥ काहां करूं कितना उसखेरू बदन कोई न बनवे। बिरह नाग मेरि काया डसी हो। लहर लहर जीव जावे जडी घस लावे॥३॥ कहोरी सखी सहली सजनी पियाजीनें आने मिलावे। मीराके प्रभु कबरी मिलेगे मोहनमो मन भावे। कबहूं हस हस बतलावे॥४॥
इति

Paired Painting
Vilaval Ragini from a Ragamala Set
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Ram Bin Nind Na Ave carries.