
कुंज कुटीरे यमुना तीरे
Kunj Kutire Yamuna Teere
Makhanlal Chaturvedi
15 verses · ~32 lines · 2 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
Loading the archive
MM · XXVI

1 verses · ~2 min
संपूरन कै संग अपूरन झूला झूलै री, दिन तो दिन, कलमुँही साँझ भी अब तो फूलै री। गड़े हिंडोले, वे अनबोले मन में वृन्दावन में, निकल पड़ेंगे डोले सखि अब भू में और गगन में, ऋतु में और ऋचा में कसके रिमझिम-रिमझिम बरसन, झांकी ऐसी सजी झूलना भी जी भूलै री, संपूरन के संग अपूरन झूला झूलै री। रूठन में पुतली पर जी की जूठन डोलै री, अनमोली साधों में मुरली मोहन बोलै री, करतालन में बँध्यो न रसिया, वह तालन में दीख्यो, भागूँ कहाँ कलेजौ कालिंदी मैं हूलै री। संपूरन के संग अपूरन झूला झूलै री। नभ के नखत उतर बूँदों में बागों फूल उठे री, हरी-हरी डालन राधा माधव से झूल उठे री, आज प्रणव ने प्रणय भीख से कहा कि नैन उठा तो, साजन दीख न जाय संभालो जरा दुकूलै री, दिन तो दिन, कलमुँही साँझ भी अब तो फूलै री, संपूरन के संग अपूरन झूला झूलै री।
इति

Paired Painting
Mohini on a Swing
Open the viewer →
If this held you
Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Jhula Jhulai Ri carries.