
कमरे में धूप
Kamare Mein Dhoop
Kunwar Narayan
5 verses · ~14 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

1 verses · ~1 min
किसी जन ने किसी से क्लेश पाया नबी के पास वह अभियोग लाया। मुझे आज्ञा मिले प्रतिशोध लूँ मैं। नही निःशक्त वा निर्बोध हूँ मैं। उन्होंने शांत कर उसको कहा यों स्वजन मेरे न आतुर हो अहा यों। चले भी तो कहाँ तुम वैर लेने स्वयं भी घात पाकर घात देने क्षमा कर दो उसे मैं तो कहूँगा तुम्हारे शील का साक्षी रहूंगा दिखावो बंधु क्रम-विक्रम नया तुम यहाँ देकर वहाँ पाओ दया तुम।
इति

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Sri Krishna as Envoy
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Pratishodh carries.