
कुछ छोटे सपनो के बदले
Kuch Chote Sapno Ke Badle
Kumar Vishwas
2 verses · ~14 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

3 verses · ~1 min
कुछ छोटे सपनों की ख़ातिर बड़ी नींद का सौदा करने निकल पड़े हैं पाँव अभागे जाने कौन नगर ठहरेंगे
वही प्यास के अनगढ़ मोती वही धूप की सुर्ख़ कहानी वही ऑंख में घुट कर मरती ऑंसू की ख़ुद्दार जवानी हर मोहरे की मूक विवशता चौसर के खाने क्या जानें हार-जीत ये तय करती है आज कौन-से घर ठहरेंगे
कुछ पलकों में बंद चांदनी कुछ होठों में क़ैद तराने मंज़िल के गुमनाम भरोसे सपनों के लाचार बहाने जिनकी ज़िद के आगे सूरज मोरपंख से छाया मांगे उनके ही दुर्गम्य इरादे वीणा के स्वर पर ठहरेंगे
इति

Paired Painting
The Pandavas at the Gaming Table
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Jane Kaun Nagar Thaharenge carries.