
वास्तविकता
Vaastavikta
Amitabh Tripathi ‘Amit’
1 verse · ~8 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

6 verses · ~1 min
मुखौटों से झाइयाँ नहीं छिपतीं पूरा का पूरा चेहरा छिप जाता है सबको पता चल जाता है कि सब कुछ छिपा दिया गया है
भला ऐसे छिपने-छिपाने का क्या मतलब
छिपो तो इस तरह कि किसी को पता नहीं चले कि तुम छिपे हुए हो जैसे कोई छिपा होता है हवस में तो कोई अवसरवाद में
कुछ चालाक लोग तो विचारधारा तक में छिप जाते हैं
कोई सूचनाओं में छिप जाता है तो कोई विश्लेषण में कोई अज्ञान में तो कोई इच्छाओं में
और कवि तो अक्सर अपनी कायरता में छिपा होता है ।
इति

Paired Painting
Lady Applying Alta
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Chhipna carries.